टी20 वर्ल्ड कप में शानदार जीत के बाद अब भारतीय टीम का फोकस पूरी तरह वनडे वर्ल्ड कप 2027 पर शिफ्ट हो चुका है। भले ही टूर्नामेंट अभी डेढ़ साल दूर हो, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन को लेकर चर्चाएं अभी से शुरू हो गई हैं। खासकर विकेटकीपर-बल्लेबाज की पोजिशन को लेकर मुकाबला काफी दिलचस्प होता जा रहा है।
वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियां शुरू
तीन देशों में होगा आयोजन
वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। ऐसे में टीम मैनेजमेंट अभी से खिलाड़ियों को परखने और मजबूत स्क्वॉड तैयार करने में जुट गया है।
हर पोजिशन पर नजर
हालांकि हर पोजिशन के लिए खिलाड़ी देखे जा रहे हैं, लेकिन विकेटकीपर की भूमिका सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसकी वजह है—एक जगह और चार मजबूत दावेदार।
केएल राहुल की जगह लगभग पक्की
टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद
पिछले कुछ सालों में केएल राहुल ने खुद को टीम इंडिया के भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया है। 2023 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने इस भूमिका को शानदार तरीके से निभाया था।
मिडिल ऑर्डर में मजबूती
राहुल की सबसे बड़ी ताकत उनकी स्थिर बल्लेबाजी और नंबर-5 पर टीम को संभालने की क्षमता है। यही कारण है कि उनकी जगह को फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा।
ऋषभ पंत पर बढ़ता दबाव
बैकअप रोल में सिमटते नजर आए
ऋषभ पंत लंबे समय तक टीम इंडिया के मुख्य विकेटकीपर रहे, लेकिन हाल के टूर्नामेंट्स में उन्हें बैकअप की भूमिका निभानी पड़ी है।
अब खतरे में जगह?
टी20 वर्ल्ड कप के बाद टीम में नए विकल्प उभरने से पंत की जगह पर सवाल उठने लगे हैं। अगर वह लगातार प्रदर्शन नहीं कर पाते, तो उनकी जगह खतरे में पड़ सकती है।
ईशान किशन और संजू सैमसन की एंट्री
टी20 में शानदार प्रदर्शन
ईशान किशन और संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप में आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। दोनों खिलाड़ियों ने मैच जिताऊ पारियां खेली और टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
चयनकर्ताओं की नजर में
इन दोनों के प्रदर्शन ने टीम मैनेजमेंट को भी सोचने पर मजबूर किया है कि क्या इन्हें वनडे टीम में मौका दिया जाना चाहिए।
सबसे बड़ी चुनौती: बैटिंग पोजिशन
टॉप ऑर्डर पहले से तय
वनडे टीम में ओपनिंग और नंबर-3 की जगह पहले से ही मजबूत खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे में ईशान और संजू के लिए वही रोल निभाना मुश्किल होगा, जो उन्होंने टी20 में किया।
मिडिल ऑर्डर में खुद को साबित करना होगा
अगर इन दोनों खिलाड़ियों को मौका मिलता है, तो उन्हें नंबर-5 या मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करनी होगी। यही वह जगह है जहां राहुल पहले से मजबूत हैं और पंत ने भी कुछ अच्छा प्रदर्शन किया है।
आने वाले महीनों में होगी असली परीक्षा
आईपीएल से तय होगा भविष्य
फिलहाल सभी खिलाड़ी आईपीएल में व्यस्त हैं, लेकिन यहीं से उनकी फॉर्म और फिटनेस का आकलन होगा। चयनकर्ता आईपीएल प्रदर्शन को भी काफी महत्व देंगे।
सीरीज में मिल सकता है मौका
आईपीएल के बाद टीम इंडिया कुछ द्विपक्षीय सीरीज खेलेगी, जहां ईशान और संजू को मिडिल ऑर्डर में आजमाया जा सकता है।
कौन मारेगा बाजी?
अनुभव बनाम आक्रामकता
अब सवाल यही है कि टीम मैनेजमेंट अनुभव को तरजीह देगा या फिर युवा खिलाड़ियों की आक्रामकता को मौका मिलेगा।
कड़ी टक्कर तय
एक बात साफ है—विकेटकीपर की इस रेस में मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है और हर खिलाड़ी को खुद को साबित करना होगा।
मुकाबला होगा बेहद कड़ा
एक बात तो तय है—विकेटकीपर की इस रेस में टक्कर बहुत ही कड़ी होने वाली है। हर खिलाड़ी को खुद को साबित करना होगा, तभी वह वर्ल्ड कप 2027 की टीम में अपनी जगह पक्की कर पाएगा।