ICC मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान विज्ञापन की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। JioStar द्वारा जारी नई रिपोर्ट के अनुसार, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म को एक साथ इस्तेमाल करने से ब्रांड्स को ज्यादा पहुंच (reach) मिल रही है, वो भी बिना ज्यादा दोहराव (overlap) के। यह स्टडी BARC और Nielsen के डेटा पर आधारित है, जिसने क्रॉस-स्क्रीन विज्ञापन के असर को साफ तौर पर दिखाया है।
TV और Digital का अनोखा कॉम्बिनेशन
10% से भी कम ओवरलैप
रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच दर्शकों का ओवरलैप 10% से भी कम रहा। इसका मतलब यह है कि दोनों प्लेटफॉर्म अलग-अलग ऑडियंस तक पहुंच रहे हैं।
यानी एक ही एड दो बार एक ही दर्शक तक कम पहुंच रहा है और ब्रांड्स को नए दर्शक मिल रहे हैं।
विज्ञापनदाताओं के लिए बड़ा फायदा
ज्यादा Reach, कम खर्च में
जब टीवी और डिजिटल दोनों का इस्तेमाल किया जाता है, तो ब्रांड्स को ज्यादा लोगों तक पहुंचने का मौका मिलता है। इससे विज्ञापन की प्रभावशीलता बढ़ती है।
बेहतर टारगेटिंग
डिजिटल प्लेटफॉर्म खास तौर पर यूजर्स को उनकी पसंद और व्यवहार के आधार पर टारगेट करने में मदद करते हैं, जिससे विज्ञापन और ज्यादा असरदार बनते हैं।
BARC–Nielsen डेटा क्या कहता है?
यह स्टडी BARC (Broadcast Audience Research Council) और Nielsen के डेटा को मिलाकर तैयार की गई है।
चार स्क्रीन का मॉडल
इसमें टीवी, मोबाइल, डेस्कटॉप और कनेक्टेड टीवी को मिलाकर एक “Four-Screen Audience” बनाया गया है।
इससे ब्रांड्स को यह समझने में मदद मिलती है कि उनका विज्ञापन किस प्लेटफॉर्म पर कितना प्रभाव डाल रहा है।
लाइव स्पोर्ट्स का बढ़ता प्रभाव
JioStar के स्पोर्ट्स हेड अनुप गोविंदन ने कहा कि लाइव स्पोर्ट्स इवेंट्स की पहुंच बहुत बड़ी होती है और अब यह साफ हो गया है कि यह पहुंच अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कैसे काम करती है।
“10% से कम ओवरलैप यह दिखाता है कि सही प्लानिंग से विज्ञापन ज्यादा प्रभावी बन सकते हैं।”
डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती ताकत
नई ऑडियंस जोड़ रहा डिजिटल
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म टीवी से अलग ऑडियंस तक पहुंच रहे हैं। इससे ब्रांड्स को नई और युवा ऑडियंस मिल रही है।
मल्टी-डिवाइस व्यूइंग का ट्रेंड
आजकल लोग मोबाइल, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी पर कंटेंट देखते हैं, जिससे विज्ञापन रणनीति भी बदल रही है।
IPL 2026 पर होगा असर
नई रणनीतियां अपनाएंगे ब्रांड्स
इस रिपोर्ट के बाद यह तय है कि IPL 2026 में ब्रांड्स टीवी और डिजिटल दोनों पर ज्यादा फोकस करेंगे।
बेहतर प्लानिंग की तैयारी
अब कंपनियां अपने विज्ञापन बजट को इस तरह प्लान करेंगी कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा यूनिक दर्शक मिलें।
भविष्य का विज्ञापन मॉडल
यूनिफाइड एड सिस्टम
JioStar का कहना है कि वह BARC और Nielsen के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम बना रहा है, जिससे विज्ञापन का पूरा डेटा एक जगह मिल सके।
पारदर्शिता और सटीकता
इससे ब्रांड्स को सही आंकड़े मिलेंगे और वे बेहतर फैसले ले सकेंगे।
ब्रांड्स के लिए बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है मॉडल
यह नया क्रॉस-प्लेटफॉर्म एड मॉडल ब्रांड्स के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। अब कंपनियां सिर्फ टीवी या सिर्फ डिजिटल पर निर्भर नहीं रहेंगी, बल्कि दोनों का संतुलित उपयोग करके अपनी मार्केटिंग रणनीति को और मजबूत बनाएंगी।
छोटे ब्रांड्स को भी मिलेगा फायदा
इस रणनीति का फायदा सिर्फ बड़े ब्रांड्स को ही नहीं, बल्कि छोटे और मिड-लेवल बिजनेस को भी मिलेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वे कम बजट में भी सही ऑडियंस तक पहुंच सकते हैं और अपने प्रोडक्ट्स को प्रमोट कर सकते हैं।
निष्कर्ष
ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 की यह रिपोर्ट साफ दिखाती है कि अब विज्ञापन का भविष्य क्रॉस-प्लेटफॉर्म रणनीति में है। टीवी और डिजिटल का सही कॉम्बिनेशन ब्रांड्स को ज्यादा पहुंच, बेहतर टारगेटिंग और कम लागत में ज्यादा फायदा देता है।
आने वाले समय में IPL और अन्य बड़े टूर्नामेंट्स में यही रणनीति सबसे ज्यादा असरदार साबित हो सकती है।